हे गणपति शिव नंदन जरा मुझपे उपकार करो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे गणपति शिव नंदन जरा मुझपे उपकार करो

पुजू मै प्रथम तुमको मेरी पूजा स्वीकार करो

हे गणपति शिव नंदन........

तुम हो सहायक सबके गजानन तुम ही सिरजनहार

समय बुरा ना उस पर आये ध्याये जो बारम्बार

निस दिन मै करू वंदन दुखो का सर से भार हरो

हे गणपति शिव नंदन.........

खुशिया उस घर मंगल गाये वास तेरा हो जहाँ

दुःख की परछाई नहीं आये बरसे जहाँ महिमा

मुझपर भी दया करो सुखी मेरा संसार करो

हे गणपति शिव नंदन......

ज्योतिमई है छवि तुम्हारी नाश करे अंधकार

विश्व क पालक तुम गणनायक खुशियों के तुम सार

सबका हित करते हो प्रभु मेरा उद्धार करो

हे गणपति शिव नंदन.......

तुम आनंद हो परमानन्द हो सभी सुखो का सार

विघ्न विनाशक गानों के शासक पूजे तुम्हे संसार

करते विनती तुमसे हमारा भी अब ध्यान धरो

हे गणपति शिव नंदन.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।