रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

हो हाथो में हरदम हाथ पिया मन भावन का

रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

हे शिव शंकर हे भोलेदानी

मांगू मै ये वरदान सदा सुहागन का

रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

तीज का व्रत उपवास किया है

सजना के नाम का श्रृंगार किया है

दमके मांग में सिंदूर प्रीतम के अभिमान का

हे शिव शंकर हे भोलेदानी

मांगू मै ये वरदान सदा सुहागन का

रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

प्रेम रंग रंगायो मैंने मन की चुनरिया

मेरी तो जान है मेरा सांवरिया

कभी छुटे ना साथ पिया के दामन का

हे शिव शंकर हे भोलेदानी

मांगू मै ये वरदान सदा सुहागन का

रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।