सपने के मैँ आया भोला होगी रै

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सपने के मैँ आया भोला होगी रै मुलाकात सुनो,

सारा ज़िकरा चाल्याँ म्हारां के के होई बात सुनो,

सपने के मैँ भोले न मैं जगाया हाथ पकड़ क़े,

एकदम मैं भी डर गया रै फेर बैठ्याँ खाट पकड़ कै,

न्यूँ बोल्या तू मतना र डरिए बात कर बेधड़क कै,

इतणी कह क बैठ गया वो मेरी खाट कै जड़ कै

हक़ीक़त तै कम ना था पल होगी थी शुरुआत सुनोँ,

सपने के मैँ आया भोला होगी........

मैं बोल्या तू कर दे नाश हो धोखबाज कसाइयाँ का,

सरेआम उरे मान घटे सै मेरी जान फौजी भाइयाँ का,

लुगाई ख़ातिर यारी तोड़ ले के बटै इसे सनाइयाँ का,

दुनियाँ की नज़र में सही बणै दिल दुखा दे भाइयाँ का,

सारी कह मन की मन्ने था पल दो पल का साथ सुनो,

सपने के मैँ आया भोला होगी रै ......

मैं कै बोलू हो भोले तू सारी बात जाणै सै,

किसानां का हक़ भी भोले कोन्या थोड़ ठिकाणै सै,

अंकित गुजरिया सब कुछ लिख दे जमाना आँख ताणै स

बोहोत कुछ यो रहगी मन म तू भोले फीलिंग पिछाणै स

प्रदीप जांडली पीठ के पाछै घटिया करते काट सुनो,

सपने के मैँ आया भोला होगी .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।