तू कैसा है नादान

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

किताबे खूब मिलती है मगर चिंतन नहीं मिलता,

जिसे है मौत की है चाहत उसे जीवन सदा मिलता,

बावरे कौन है जग में जिसे सब कुछ दिया रब ने,

किसी को धन नहीं मिलता किसी को धन नहीं मिलता,

तू कैसा है नादान तू ढोये मौत का सामान,

ये दुनिया धोखा है ये दुनिया धोखा है,

यहाँ खवाबो में सब जीते माया का हालाहल पीते,

जिसे समझे अमृत पान,

ये दुनिया धोखा है ये दुनिया धोखा है

यहाँ आशा और निराशा मेरा जीवन पल पल प्यासा,

तुझे किसका है अभिमान,

ये दुनिया धोखा है ये दुनिया धोखा है

यहाँ कोई नहीं है अपना धन दौलत का ये सपना,

है कुछ दिन का मेहमान,

ये दुनिया धोखा है ये दुनिया धोखा है

सेवा जीवन की कहानी हकीकत जिसने जानी,

वो कहलाया भगवन,

ये दुनिया धोखा है ये दुनिया धोखा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।