माई असी एने विच खुश हां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माईजी असी एने विच खुश हां ......

तेरा प्यार मिले दीदार मिले,

बच्या नू लाड़ दुलार मिले ।।

माईजी असी एने विच खुश हां ।।

एक सोहना सुंदर घर होवे,

मैं ते मेरा परिवार होवे ।

इज्जत दी रोटी मिलती रवे,

सदा खुशियां दा संसार होवे ।।

ओनू नजर किसे दी लगे ना -२

जीनू झंडेवाली सरकार होवे ।।

माईजी असी एने विच खुश हां .......

तेरे भजन दी लगन मां लगी रवे,

मन अंदर ज्योति मां जगदी रवे ।

हर वेले जिकर रहे तेरा ,

कोई फिकर ना सानू जगदी रवे ।।

ऑने जूठे जग तो की लेना -2

जिन्नू सच्चा मां दीदार मिले

माईजी असी एने विच खुश हां .......

तेरे चरणों कि छा मिल जाएं,

मिले काम मां सेवादारी दा ।

जब अंत समय मां आ जावे,

होए दर्शन शेर सवारी दा ।।

तुईयो ललित दी मां होवे, तुईयो ललित दी मां होवे ।।

ये जनम जिन्नी वार मिले

माईजी असी एने विच खुश हां .......

भजन गायक - पापाजी (श्री नरेंद्र चंचल जी)

अपलोड़ कर्ता - ललित गेरा झज्जर

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।