कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

गीता में है ये लिखा कृष्णा को दिल में उतार

कृष्णा के बिन कुछ नही कृष्णा है साँसों का तार

कृष्णा ही भ्र्मांड है कृष्णा ही सब का आधार

कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

दिल में वसा लो मन इस में रमा लो

ज्योति कृष्णा जी की नैनो में जगा लो

कृष्णा ही अजर है कृष्णा ही अमर है

कृष्णा ही सारथी कृष्णा ही चकर धर है

कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

जीना सिखाने ये धरती पे आया,

जीने का तरीका कृष्णा ने सिखाया,

कृष्णा ही जिन्गदी है कृष्णा ही ख़ुशी है

कृष्णा ही गीत है कृष्णा ही बांसुरी है

कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

कृष्णा के बिन कुछ नही कृष्णा है सांसो का तार

कृष्णा ही भ्र्मांड है कृष्णा ही सब का आधार

कृष्णा से करलो प्यार कृष्णा है जीवन का सार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।