गौरी सूत शंकर लाल विनायक मेरी अरज सुनो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरी सूत शंकर लाल,

विनायक मेरी अरज सुनो,

बैठा भागवत महा पूराण,

विनायक मेरी अरज सुनो,

गौरी सुत शंकर लाल,

विनायक मेरी अरज सुनो।।

सब देवन मे आप बड़े हो,

तुमको प्रथम मनावे,

घर मे गणपति सदा बिराजे,

कारज शुभ करावे,

संग रिद्धि सिद्धि,

संग रिद्धि सिद्धि आओ आज,

विनायक मेरी अरज सुनो,

गौरी सुत शंकर लाल,

विनायक मेरी अरज सुनो।।

मेवा फल मोदक और लड्डू,

जिनको भोग लगवे,

सखी सहेली मिल करके

सब मंगल आरती गावे,

देव मिलकर,

देव मिलकर चवर दुलावे,

विनायक मेरी अरज सुनो,

गौरी सुत शंकर लाल,

विनायक मेरी अरज सुनो।।

ब्रह्मा विष्णु शंकर भी है,

जिनके गुण को गाते,

महिमा का वर्णन तो,

देवी देव मुनि ना पाते,

सब मिलकर,

सब मिलकर शीश झुकावे

विनायक मेरी अरज सुनो,

गौरी सुत शंकर लाल,

विनायक मेरी अरज सुनो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।