आओ कन्हिया थोडी बाते करेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ कन्हिया थोडी बाते करेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे कुछ अपनी कहेंगे

जन्मों से जन्म लेकर श्याम, ये नेंन बरसते है

दर्शन बिन व्याकुल नेंन, मेरे दिन-रैन तरसते है

आओगे कन्हिया तो ये और ना बहेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे , कुछ अपनी कहेंगे

सूनी-सूनी बगिया ,श्याम सूना घर आंगन है..

तुम आओगे घनश्याम , जैसे कोई आया सावन है..

आओ तो कन्हिया रूखे फूल भी खिलेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे कुछ अपनी कहेंगे.

तू ही मेरा जीवन है, श्याम तू ही तो सहारा है

तुझ बिन सूना जीवन ,और धुन्दला अँधियारा है

आओ तो कन्हिया इसको रोशन करेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे कुछ अपनी कहेंगे...

तेरे दर्शन की घनश्याम ,मेरे इस दिल में तड़पन हो

तेरी चौखट पे मोन्टू बंद ये दिल की धड़कन हो

मर भी जाए जो ठाकुर दिल में रहेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे कुछ अपनी कहेंगे

आओ तो कन्हिया थोड़ी बाते करेंगे

कुछ तेरी सुनेंगे , कुछ अपनी कहेंगे

जय श्री राधें कृष्ण जी

जय श्री श्याम जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।