एक तो नैना कटीले तेरे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक तो नैना कटीले तेरे साँवरे,

उसपे नैनो का कजरा दीवाना करें,

कौन है जो कि नजरों का घायल ना हो,

क्या करें हम दीवाने या क्या न करें,

एक तो अधरों की मुस्कान कुछ कम न थी,

बांसुरी की मधुर तान कुछ कम ना थी,

उसपे नैनों का जादु चलाते हो तुम,

तो बताओ की क्या ये ज़माना करें

एक तो ........

जबसे तेरी नज़र पे नज़र टिक गई,

इक झलक के लिए जिंदगी मिट गई,

सारी दौलत नही काम करती है जो,

जो तुम्हारी नज़र का मिला न करें,

एक तो ......

तुम नहीं जानते दर्द होता हैं क्या,

जान देकर लुटे होते तुम भी कहीं,

एसे दुखता है दिल जो नज़र हट गई,

दर्द दोजख मे कोई भुला न करें,

एक तो नैना कटिले तेरे साँवरे

ADD by :- shaan dubey (शान दुबे)

Chand / chhindwara

Mo. 9753443574.

9755305783.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।