दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

पारंपरिक
श्री राम भजन रानी सती दादी भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ओ दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

थारे द्वारे कईया आवा भगत करे अरदास

जग से ठानी थाणे ध्यावा में तो सुबह शाम जी

दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

हथ दया का रखदो सिर पर दो ममता की छाव,

शक्ति री ज्योति जलाओ मन में पूजा आठो याम जी

दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

म्हारी नैया थारे भरोसे था पर ही विश्वाश

थारी भगती से ही आया जीवन में आराम जी

दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

भूल छमा कर दो दादी जी बेटा भर नादान

टीटू बन चरना को चाकर पूरण हो सब काम जी

दादी जी म्हाने प्यारो प्यारो लागे थारो नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।