भावना की ज्योत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भावना में भाव ना हो तो भावना बेकार है

और भावना में भाव हो तो भव से बेडा पार है

भावना की ज्योति को जगा के देखिये

बोलती है मूर्ती बुलाके देखिये

सौ बार चाहे आज़मके देखिये

बोलती है मूर्ती बुलाके देखिये

करोगे जो सवाल तो जवाब मिलेगा

यहाँ पुण्य और पाप का हिसाब मिलेगा

भले बुरे सबको पहचानते हैं वो

तेरी खरी खोटी जानते हैं वो

श्रद्धा से सर को झुका के देखिये

बोलती है मूर्ती बुलाके देखिये

मेरे श्याम मेरे श्याम मेरे सांवरिया.............

छाया में है छुपे बाबा बैठे धुप में

मिलता है श्याम का दर्शन किसी भी रूप में

तेरी हर सांस में निवास इनका

होगा हर जगह पे एहसास इनका

जिस और नज़रें घुमा के देखिये

बोलती है मूर्ती बुलाके देखिये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।