मात पिता प्रबु गुरु चरणों में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मात पिता प्रबु गुरु चरणों में धन्दवत बारम बार

हमपर किया बड़ा उपकार

माता ने जो कष्ट उठाया वो ऋण कभी न जाये चुकाया

ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया

ममता की दी शीतल छाया

जिनकी गोद में पल कर के हम कहलाते हुशियार

हम पर किया बड़ा उपकार

पिता ने हम को योग्य बनाया कमा कमा कर अन्य खिलाया

पड़ा लिखा गुण वान बनाया जीवन पथ पर चलना सिखाया,

जोड़ जोड़ अपने सम्पति का बना दिया हकदार

हम पर किया बड़ा उपकार

तत्व ज्ञान गुरु ने दर्शाया अंधकार सब दूर हटाया ,

हिरदे में भगती दीप जला कर प्रभु दर्शन का मगर बताया

बिना स्वार्थ ही सेवा करे वो इतने बड़े उधार

हम पर किया बड़ा उपकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।