मांगना पये ना दोबारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कदे मांगना पये ना दोबारा , माये नी एनी मेहर कर दे

माँ लक्ष्मी नू करदे इशारा, माये नी एनी मेहर करदे

थोड़ा थोडा कम चले फिर रुक जादां ऐ

हथ दा कमाया पैसा झट मूक जादां ऐ

मुड़ तकदा माँ तेरा ही द्वारा - माये नी एनी मेहर करदे

घर दा माँ खर्चा वड़दा ही जादां है

चलेगा गुजारां किवे गम ऐयो खादां ऐ

बोझ घर दा ऐ मेरे उते सारा , माये एनी मेहर

कल्ला 'प्रकाश' नयों ओर वी माँ केंदे ने

प्रेम जये लाल तेर सोचदे ही रहेंदें ने

कर सबदा माँ पार उतारा , माये नी एनी मेहर करदे

कदे मांगना पये ना दोबारा , माये नी एनी मेहर कर दे

माँ लक्ष्मी नू करदे इशारा , माये नी एनी मेहर करदे

Singer - Prem Bhatnagar

Lyrics- Prakash Ji

Music - Sewa Singh Ji

Video- AB Production

Music Lable - PBP Bhakti Music

@PBP_Bhakti_Music

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।