भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

सब रंग फीके है दुनिया के भगती रस है काम का

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

हर दिन हर पल पीता जा तू बेफिक्र हो जीता जा तू

उतरे न फिर कभी खुमारी मन में बसा ले मूर्त प्यारी

देदे माँ के हाथ में डोरी सोच न फिर अंजाम का

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

अंतर मन में ज्योत जगा ले मन चित होके ध्यान लगा ले

दुःख के बादल हट जायगे मुश्किल रस्ते कट जायेगे

करले बंदे बंदगी अब तू वक़्त नही आराम का

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

भूल गया वो अपनी हस्ती चढ़ गई जिसको नाम की मस्ती

ना कोई अपना न पराया दूर हो गई अब मोह माया

हरबंस निमाना सोनू भोला को होश नही सुबह शाम का

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।