गाईये गणपति जगवंदन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गाईये गणपति जगवंदन शंकर सुमन भवानी के नंगन॥

सीधी संदन गजबदन नायक॥

किरपा संधू सुन्दर सब लायक॥

गाईये गणपति जगवंदन .........

मोदक प्रिय मुदमगल दाता ॥

विद्या वान बुधि विदाता ॥

गाईये गणपति जगवंदन ...

मांगत तुलसी दास कर जोरे॥

बासु राम सिया मानस मोरे॥

गाईये गणपति जगवंदन ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।