अंगना पधारो श्री गणेश जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

प्रथमे गुरूजी को वंदना द्वितीये आदि गणेश

त्रितिये सिमरु शारदा मेरे कारज करो हमेश

आओ आओ गजानन गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

शिव गौरा के लाड़ले गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

प्रथमे तुमको जो भी ध्यावे

रिद्धि सिद्धि का फल वो पावे

तुम काटो सकल कलेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

शिव गौरा के लाड़ले गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

जय जय जय गणराज तुम्हारी

कृपा कर दो जाये बलिहारी

तुम रहना साथ हमेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

शिव गौरा के लाड़ले गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

आओ आओ गजानन गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

शिव गौरा के लाड़ले गणेश जी

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

पं. शान दुबे (shaan dubey)

Chaand/छिंदवाड़ा

Mo. 9753443574

9755305783

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।