प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये

आप अपने चरणों को धुला लीजिये

मेरे घट आ गए है चरण को बढाईये

आईये करीब आके चरण को धुलायिये

हाथ मेरी माथे पर रख दीजिये

आप अपने चरणों को धुला लीजिये

रीतियों से केवटो का पार करना काम है

पार करते आप सबको केवटो का नाम है

मेरी हर बात पर गौर कीजिये

आप अपने चरणों को धुला लीजिये

चरण को धुला करके नाव में बिठाया

नाव में बिठा कर के पार पहुचाया

पार किया है तुमको मुझे तारिये

आप अपने चरणों को धुला लीजिये

प्रभु मुझ अनाथ पे दया कीजिये

आप अपने चरणों को धुला लीजिये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।