कोई जाए मथुरा काशी कोई वृंदावन जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई जाए मथुरा काशी कोई वृंदावन जाए

हमने तो सारे तीरथ गुरू के चरणों में पाए

आकाश से भी ऊँची पाताल से बड़ी

सद्गुरु की शक्ति अपार हैं कोई पार ना पाए

हमने तो सारे तीरथ गुरू के चरणों में पाए

कोई जाए मथुरा काशी

नादान हूँ मैं बालक नाराज ना होना

जाने अनजाने मुझसे जो कोई भूल हो जाए

हमने तो सारे तीरथ गुरू के चरणों में पाए

कोई जाए मथुरा काशी

तैतिस करोड़ देवों के सरताज हैं गुरूवर

जिसने शरणागत ले ली वो पार हो जाए

हमने तो सारे तीरथ गुरू के चरणों में पाए

कोई जाए मथुरा काशी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।