आज शुक्रवार है माँ संतोषी का वार है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज शुक्रवार है माँ संतोषी का वार है

जीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,

भगतो की रक्षा करने को माँ धरती पे आई है,

जिस ने भी इस माँ को पुकारा दोडी दोडी आई है,

ऐसा इसका प्यार है माँ संतोषी का वार है

जीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,

बड़ी दयालु अति किरपालु संतोषी वरदानी माँ

पल में भाग पलट के रखते जग जगनी कल्याणी माँ

ऐसे ये दातार है माँ संतोषी का वार है

जीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,

जो भी आये शरण में इसकी सब को गले लगाती है

बिन मांगे ही माँ संतोषी धन भेव्भ बरसाती है

सुन टी करून पुकार है माँ संतोषी का वार है

जीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।