तुलसी माँ जग में छाई तेरी महिमा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुलसी माँ तुलसी माँ...

जग में छाई तेरी महिमा

पूजन करूँ वंदन करूँ माँ

घर घर तुम्हें हम बसाएँगे

मिट्टी से रंग दिए हाथ अपने

तुलसी के पौधे लगाएँगे

संस्कृति की हो शान भारत की पहचान

तुलसी माँ ...

हरिनाम की हरियाली छाई उत्सव ये पावन आया

देवों ने ऋषियों ने किया तुम्हारा गुणगान माँ

विष्णुप्रिया कहलाए जग में माधुर्य फैलाए

हो तुम प्राचीन इतिहास औषध में तुम खास

तुलसी माँ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।