गुरु भजन बिना मिले शांति नही

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु भजन बिना मिले शांति नही

जब तक दया दृष्टि नही होती

उनकी कृपा दृष्टि नही होती

जब तक होता ज्ञान नही

तब तक मिटती भ्रान्ती नही

गुरु भजन बिना……….

कई जन्मों से भटके है

इस मोह में फँस के अटके है

जो सबसे ज्यादा अपने है

ये नजर उन्हें पहचानती नही

गुरु भजन बिना………..

गुरुदेव हमे न तड़पाओ

बुलवाओ हमे या खुद आओ

दर्शन को तरसती ये आँखें

तुम्हे देखे बिना अब मानती नही

गुरु भजन बिना……….

जो सब घट के वासी है

अजर अमर अविनाशी है

व्यर्थ है जीवन उनके बिना

रहे शरण बिना कोई क्रांती नही

गुरु भजन बिना……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।