मेरी डगमग नैया डोले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी डगमग नैया डोले बाबा क्यों कुछ ना बोले

क्यों थामे न पतवार

छोड़ के सब कुछ आया बाबा मैं तेरे धाम

मैंने सुना है तेरा जग में नाम

आता नहीं फिर क्यों मेरे श्याम

मेरी डगमग नैया डोले................

हारे का जब तू है सहारा

मिले न क्यों मुझको बाबा किनारा

तुम इस कलयुग के हो स्वामी

बाबा तुम हो अन्तर्यामी

करता हूँ तेरा ध्यान

छोड़ के सब कुछ आया बाबा मैं तेरे धाम

मैंने सुना है तेरा जग में नाम

आता नहीं फिर क्यों मेरे श्याम

मेरी डगमग नैया डोले................

जो भी आते द्वार तुम्हारे

बन जाते वो उनके सहारे

मैं भी दर्शन का हूँ प्यासा

पूरी कर दो मन की आशा

हाथों को लो मेरे थाम

छोड़ के सब कुछ आया बाबा मैं तेरे धाम

मैंने सुना है तेरा जग में नाम

आता नहीं फिर क्यों मेरे श्याम

मेरी डगमग नैया डोले................

कमला आये आस लगाए

श्री चरणों में शीश नवाये

भक्ति का मुझको वर दो

अब रोम रोम में भर दो

बाबा तेरा ही नाम

छोड़ के सब कुछ आया बाबा मैं तेरे धाम

मैंने सुना है तेरा जग में नाम

आता नहीं फिर क्यों मेरे श्याम

मेरी डगमग नैया डोले................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।