क्यू खड़ी खड़ी तू हालै

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्यू खड़ी खड़ी तू हालै रे गौरा चाल कसुती चालै

आज कर के चोटी ढीली भोले

भंग मन्ने भी पि ली

भंग मन्ने भी पि ली

आज भंग मन्ने भी पि ली

क्यू खड़ी खड़ी तू हालै रे गौरा .....

इसा रिस्क लिया ना करते

रै गौरा भंग पिया ना करते

मन्नै ठा कुण्डी सोटा

मै पीउंगी भरकर लोटा

आज कर के चोटी ढीली भोले

भंग मन्ने भी पि ली

हे रै चाल कसुती चालै

आज तू खड़ी खड़ी क्यों हाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।