बड़ी भागा वाली हुन्दी है ओ था जिथे माँ दी ज्योत जगदी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी भागा वाली हुन्दी है ओ था जिथे माँ दी ज्योत जगदी

दाती मेहरावाली करदी है छा जिथे माँ दी ज्योत जगदी

जिस घर माँ दी ज्योत है जगदी

हर चिंता ओ दूर है रखदी

दुःख संताप दा केहर ना पैंदा

दाती फेरा पावे उस था जिथे माँ दी ज्योत जगदी

बड़ी..........

खुशिया आके करन बसेरा

जिस घर अंदर माँ दा डेरा

हर उत्थे रेहमत रेहँदी

महरा वाली महरा करदी

उत्थे जपदे नसीबा वाले ना जिथे माँ दी ज्योत जगदी

बड़ी..........

जिसे वी गल दी थोड़ ना रेहँदी

जग दी नेमता दी लोड ना पेंदी

कदे ना चिंता ने आके घेरिया

जिस घर दाती पानदी फेरा

माँ कोमल ऐ फड़ लेगी बाह जिथे माँ दी ज्योत जगदी

बड़ी..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।