लईयो लईयो भवानी माँ आरती अम्बे की

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लईयो लईयो भवानी माँ आरती अम्बे की

कौन बरन मईया तोरी ये आरती

कौन बरन तेरो भार

आरती अम्बे की

लईयो लईयो भवानी माँ

रूप बरन मईया तोरी ये आरती

लोक बरन तेरो भार

आरती अम्बे की

लईयो लईयो भवानी माँ

कौन उतारे मईया तोरी ये आरती

कौन संभाले तेरो भार

आरती अम्बे की

लईयो लईयो भवानी माँ

लंगुरे उतारे मईया तोरी ये आरती

हनुमत संभाले तेरो भार

आरती अम्बे की

लईयो लईयो भवानी माँ

पांच भगत माई तोरे जस गावे

रहे चरण चित लाये

आरती अम्बे की

पान सुपारी मईया ध्वजा नारियल

ले ज्वाला तेरी भेट

आरती अम्बे की

लईयो लईयो भवानी माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।