मुझको प्रभु ले के जग में तू आया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझको प्रभु ले के जग में तू आया

तेरा शुक्रिया है ,तेरा शुक्रिया है

माता पिता का दिया प्यार मुझको

देता है आदर जो संसार मुझको

ये सब है प्रभु मेरे तेरी ही माया,

तेरा शुक्रिया..

दी तेज बुद्धि व सोच भी प्यारी

बड़ी चीज़ दी मुझको भक्ति तुम्हारी

बहुत ही गुंणों से है मुझको सजाया,

तेरा शुक्रिया है......

दिए अंग पूरे मुझे इतने प्यारे

कि सुन्दर हैं वो इक से इक बढ के सारे

मुझे लाखों लाखों से सुन्दर बनाया,

तेरा शुक्रिया है.......

है दुखों कि धुप में थोडा जलाया

तो सुखों कि भी दी बहुत तूने छाया

तभी तो धवन है शरण तेरी आया,

तेरा शुक्रिया है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।