हो देखा मइया जी के बघवा कहार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

संग में बाड़ी सातो बहिनी चंडी दुर्गा काली

चलेला डोली हाली हाली मैया जी मुसकाली

देखा भैरो भैया चलत जाले सथवा

कहार बनल बा

हो देखा मइया जी के बघवा कहार बनल बा

लाला बिंदिया सोहे ला लाला चुनरी

बड़ा मन मोहतारी मइया मोरी सुनरी

गावे ला हो पचरा चियारे ला दतवा

कहार बनल बा

हो देखा मइया जी के बघवा कहार बनल बा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।