शेरवा सवारी करके आवा मोरी मइया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेरवा सवारी करके आवा मोरी मइया, बतावा मोरी मइया

गांवे अइबू कहिया बतावा मोरी मइया

देखि तोहर रहिया बतावा मोरी मइया

दर्शन के खातिर माइ व्याकुल परनवा

कहिया ले देबू माइ हमके दर्शनवा-

करे ले गोहार माइ निमिया पतईया

बतावा मोरी मइया

गांवे अइबू कहिया बतावा मोरी मइया

देखि तोहर रहिया बतावा मोरी मइया

मइया के मनवा मोहे लाली चुनरिया

गज बए चमके देखा अंगुरी में मुनारिया

गाँवे-गाँवे पंडाल माइ बाजेले बधइया,

बतावा मोरी मइया

गांवे अइबू कहिया बतावा मोरी मइया

देखि तोहर रहिया बतावा मोरी मइया

मइया जी सुनलिया अर्जी हमारी

शरण में रख लो बनके दरबारी

धर्मेंदर अजेश देखा नाचे ताता थइया,

बतावा मोरी मइया

पंकज प्रेम देखा नाचे ताता थइया,

बतावा मोरी मइया

गांवे अइबू कहिया बतावा मोरी मइया

देखि तोहर रहिया बतावा मोरी मइया

शेरवा सवारी करके आवा मोरी मइया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।