श्याम मेरे साथ साथ चलदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा श्याम ही सहारा जग जांदा अब मुझे किसे दी नही परवाह

कदे सुख हॉवे कदे दुःख हॉवे श्याम मेरे साथ साथ चलदा

पता नही प्रेमी पे क्या नशा करता है श्याम अपने भगतो पे किरपा करता है

एक एक करके श्याम के दीवाने हो गए

आँखों में मेरे श्याम का नशा ऐसा है

हो मैं जांदी के श्याम पे निबावे न कोई

जेह्डी दुखा दी लकीर ते मिटावे न कोई

मेरे श्याम वरगा न कोई होर है एहना मेनू प्यार करदा

कदे सुख हॉवे कदे दुःख हॉवे श्याम मेरे साथ साथ चलदा

प्यारी सी सूरत है आँखों में काजल है

हूँ हर इक प्रेमी संवारे के रूप का पागल है

मैं श्याम दीवानी हां ओहदी मस्तानी हां

दिल श्याम दी किरपा दा हूँ हो गया है कायल है

मेनू श्याम दे नाम दी खुमारी चढ़ गई है

मेरे श्याम दे जैसा कोई भी नही है

एहना सोहना जाया संवारा सलोना है

कोई नही एह्दे वरगा

कदे सुख हॉवे कदे दुःख हॉवे श्याम मेरे साथ साथ चलदा

हारे को सहारा मेरा श्याम देता

अपने भगतो को अपनी पहचान देता है

मैं तो मेरे श्याम का दीवाना बन गया

बिन बोले ही हाल दिल का जान लेता है

मेरे संवारे का जादू सिर चढ़ बोलता

बन किस्मत के ताले मेरे श्याम खोलता

हूँ राज मित्तल को संवारे बस तेरा नाम झचता

कदे सुख हॉवे कदे दुःख हॉवे श्याम मेरे साथ साथ चलदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।