जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

पारंपरिक
श्री राम भजन देश भक्ति भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू उनको दिल में बसा ले सरकार संवारे

जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

जब वो सरहद पर होते आराम से तब हम सोते

हम हस्ते है मेहफिल में वो तन्हाई में रोते

तू मेहफिल उनकी सजा दे बन के यार संवारे

जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

गर्मी का हो चाहे हो मोसम चाहे पड़े कडक की सर्दी

सीना रहे इतना सा रक्षा की पेहन के वरदी,

तू उनकी रक्शा करना बन के ढाल संवारे

जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

सरहद पर वो जब जाते घरवाले आंसू छुपाते

पापा जल्दी आये गे बच्चो को यही बताते

तू पिता सा उनका बन जा पालनहार संवारे

जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

बस मात्र भूमि की पूजा को अपना धर्म है माना

क्या हिन्दू हो या मुस्लिम कुछ भी न उसने जाना

विपिन तू उनका बन जा गलहार संवारे

जो मिट गए मेरे देश पे दिलदार सांवरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।