लेके तिरंगा करे है कमाल हिन्दुस्तानी शेर चले ऐसी रे चाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन देश भक्ति भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लेके तिरंगा करे है कमाल हिन्दुस्तानी शेर चले ऐसी रे चाल

आगे बड़े तो हम रुकते नही

दुश्मन के आगे हम जुकते नही

दुश्मन को कर ते पल में हलाल रे

लेके तिरंगा करे है कमाल हिन्दुस्तानी शेर चले ऐसी रे चाल

भारत के वीरो का जग में धमाल रोके हमे जो ऐसी किस की मजाल

फाड़ दे सीना करे धरती को लाल

लेके तिरंगा करे है कमाल हिन्दुस्तानी शेर चले ऐसी रे चाल

भारत है माता हम है इसके लाल

अपनी इस माता पे सब कुछ निसार

अमन हो जावे घाटे निहार

लेके तिरंगा करे है कमाल हिन्दुस्तानी शेर चले ऐसी रे चाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।