भारत की भूमि पर जन्मे हम को ये अभिमान है

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॥ पावन पाठ ॥

शीश मुकट हिमालये जिसका सारे जग की शान है

भारत की भूमि पर जन्मे हम को ये अभिमान है

हिंदुस्तान की कसम हिंदुस्तान की कसम

बुरी नजर कोई डाले देश पे ले लेते हम जान है

वीरो की ये भूमि है इसको केहते हिन्दुस्तान है

हिंदुस्तान की कसम हिंदुस्तान की कसम

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई रेहते सब इस देश में

कोई मुल्ला कोई फाथर कोई है साधू के वेश में

एकता एसी याहा की गाता जग गुणगान है

भारत की भूमि पर जन्मे हम को ये अभिमान है

राम और गोतम की भूमि सारे में महान है

संकट उसको क्या छुपाये रेहते याहा हनुमान है

आच न आये कभी भी मात्र भूमि की आन में

भारत की भूमि पर जन्मे हम को ये अभिमान है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।