मेनू अपने दर ते बुला ले शेरा वालडीये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेनू अपने दर ते बुला ले शेरा वालडीये

अपनी चरनी ला ले शेरा वालडीये

शेरा वालडीये मंदिरा वाल्डीये

मेनू अपने दर ते बुला ले शेरा वालडीये

हर वेले तेनु सिमरा माँ तेरा ही नाम ध्यानोंदा हां

तेरे चरना दे विच बेह के मैं जीवन नु सफल बनाउंदा हां

मेरा बेडा पार लगा दे पहाड़ा वालडीये

चढ़ चढ़ के कठिन चडाईया माँ संगता तेरे दर ते औन्दिया ने

भुला बक्शोनिया तेरे तो ताहियो तेनु अर्ज लगाऊंदिया ने

मेरे सुते भाग जगा दे पहाड़ा वालडीये

मैं कख दा सी मेनू माये नि तू हियो ते लख दा बनाया ऐ,

तेरी बेडी बने लाके माँ मेहरा दा मेह बरसाया ऐ,

कृष्णा नु दास बना लै पहाडा वालडीये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।