वही मेरा श्याम मेरी ज़िन्दगी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बिन श्याम दरस के चैन मुझे आता नहीं है

मुझे श्याम के जैसा और कोई भाता नहीं है

वही मेरा श्याम मेरी ज़िन्दगी है '

बिन श्याम दरस के चैन................

मेरा तन मन धन अर्पण है

सांवरे सलोने को समर्पण है

चाहे जो ज़मान मुझे श्याम कहे

होंठो पे मेरे तो तेरा नाम रहे ... तेरा नाम रहे

रट हैं दीवाने नैन सहा जाता नहीं है

मुझे श्याम के जैसा और कोई भाता नहीं है

वही मेरा श्याम मेरी ज़िन्दगी है '

बिन श्याम दरस के चैन................

सांवरा सलोना मेरे साथ रहे

श्याम का हमेशा सर हाथ रहे

चरणों की पुजारन सुबह शाम रहूं

मुख से हमेशा श्री श्याम कहूं ........श्री श्याम कहूं

झूठी दुनिया से तो मेरा नाता नहीं है

मुझे श्याम के जैसा और कोई भाता नहीं है

वही मेरा श्याम मेरी ज़िन्दगी है '

बिन श्याम दरस के चैन................

सांसों की जपी जो मैंने माला है

माला में बसाया मुरलीवाला है

साड़ी दुनिया ने तो किनारा किया

हारे के सहारे ने सहारा दिया ..... हाँ सहारा दिया

रज्जो भी गीत ऐसा कोई जाता नहीं है

मुझे श्याम के जैसा और कोई भाता नहीं है

वही मेरा श्याम मेरी ज़िन्दगी है '

बिन श्याम दरस के चैन................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।