तेरा चंचल चला गया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग का माँ ध्यानु तेरा चंचल चला गया

सुन ले माता मेरी तेरा बेटा चला गया

तेरा चंचल चला गया

तेरे नाम का सिमरन कर कर सारी उम्र बिताई

सुन कर कालका माँ चंचल की बनी सहाई

जय कारो के शोर में देखो चंचल खो गया

सुन ले माता मेरी तेरा बेटा चला गया

हर घर में जब ज्योत जगे गी सब को याद आएगा

चंचल बेटा तेरा अब लोट के न आएगा

जैकारो का शोर मचा कर तेरा बेटा सो गया

सुन ले माता मेरी तेरा बेटा चला गया

संतो मंतो ने गा कर माँ सब को ये बताया

चंचल ने माँ तुम को दिल से सदा मनाया

चंचल नाम का फूल तुम्हारा खुशबु छोड़ गया

सुन ले माता मेरी तेरा बेटा चला गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।