दरबार में कन्हैया देखा अजब नजारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया,

दुनिया हुई दीवानी तेरे प्यार में कन्हिया ,

कभी करते हो जादू, कभी मारते हो टोन्हा,

सृष्टि चलाते ऐसे, चाभी भरा खिलौना,

बांधा है तुमने सबको, एक तार में कन्हैया,

देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया ......

आंखो में बस गया है, दिल कश तेरा नजारा,

जिसने भी तुमको देखा, वो होगया तुम्हारा ,

ऐसी कशिश है तेरी, दीदार में कन्हैया ,

देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया ......

कब दिन निकल रहा है, कब रात हो रही है,

हर वक्त मस्तियो की, बरसात हो रही है ,

बहते जा रहे है, रसधार में कन्हैया ,

दुनिया हुई दीवानी तेरे प्यार में कन्हैया ,

देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया ......

जालिम तेरी अदाएं, आंखें तेरी कटारी,

मुस्कान तेरी कातिल, कैसे बचें बिहारी ,

तुम्हे जीत में मजा है, हमे हार में कन्हैया,

दुनिया हुई दीवानी तेरे प्यार में कन्हैया,

देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया ......

अपलोड़ कर्ता - ललित गेरा झज्जर

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।