किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा

विच जंगला दे मंगल तू लाया

दिल विच तेरा ध्यान वसा के देखि जावा कोल बिठा के

तेनु अखियाँ विच मैं वसायाजी करे बेख्दा रवा

किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा

प्यार तेरा ऐ जिन्गदी मेरी करनी ऐ मैं पूजा तेरी

तेनु दिल वाले शीशे च सजाये जी करे वेखदा रवा

किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा

आजा होके शेर सवारी हथ बन के मैं अर्ज गुजारी

तेरे चरना च विच माये आया जी करे वेखदा रवा

विच जंगला दे मंगल तू लाया जी करे वेखदा रवा

किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।