सुमिरण दुख भंजन का

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सुमिरण दुख भंजन का,

चारभुजा धारी गिरजा नंदन का

सुमिरण दुख भंजन का।

कार्तिक और गणपति में एक दिन ऐसी बाजी लगे।

पृथ्वी की परिक्रमा करके कौन आते है आगे

सुमिरण दुख भंजन का------

कार्तिक जी अपने वाहन से तेज़ गति से भागे।

गणपति मात पिता को घूमे भये बुद्धि में आगे।

सुमिरण दुख भंजन का----

मेरे दुख को दूर करो प्रभु तुझसे है ये अर्ज़ी

फिर आगे जो भी करना हो अब तेरी है मर्ज़ी।

सुमिरण-----

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।