मैं तो हो गयी रे श्याम की दीवानी

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो हो गयी रे श्याम की दीवानी जोगन बन नाचूंगी

कोई रोको ना कोई टोको मैं दीवानी हो गयी लोको

मैं तो सावरे के रंग में राचूंगी जोगन बन नाचूंगी

मैं तो.....

अंग अंग नाम तेरे लिख दिया सावरे

तेरी अराधना को नैन हुए बावरे

ओये ओये ओये ओये

तेरी बनकर रहू मैं दासी तेरे दर्शन की मैं प्यासी

मन मंदिर मैं आज तोहे राखूंगी जोगन बन नाचूंगी

मैं तो.....

तन मन धन सब करू मैं समर्पण

हरी हरी गाते गाते करू मैं समर्पण

ओये ओये ओये ओये

तेरी आरती उतारू तेरी छवि को निहारु

रस प्रेम का आज तो है चाकूंगी जोगन बन नाचूंगी

मैं तो.....

बोल बांके बिहारी लाल की जय

जय जय श्री राधे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।