होने नहीं दे कभी तेरी हार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होने नहीं दे कभी तेरी हार

मेरे खाटू वाले का ऐसा है द्वार

यहाँ दीं दुखियों को मिलता है प्यार

मेरे खाटू वाले का ऐसा है द्वार

कोई किसी का ना यहाँ झूठा ज़माना

सच्चा द्वार सांवरे का सबका ठिकाना

नाम श्याम का जिसने भी लिया

श्याम ने उसे गिरने ना दिया

विपदा से लेता है सबको उबार

होने नहीं दे कभी तेरी हार ...........

बिन कहे ही दिल के ये जज़्बात जान ले

थाम ले उसे जो श्याम श्याम नाम ले

श्याम की कृपा से जो है पीला

रूठे ना कभी उनसे मंज़िलें

करते हैं उम्र भर वो बस ये एतबार

होने नहीं दे कभी तेरी हार ...........

परखे ये विश्वास आस श्याम से रखना

होगा सच जो देखती आँखें तेरी सपना

देर हो भले अंधेर पर नहीं

ये ना सोचना इसको खबर नहीं

गोलू तेरी हर ख्वाहिशें जाने लखदातार

होने नहीं दे कभी तेरी हार ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।