हारने मुझे तू क्यों देता नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक सवाल है तेरे प्रेमी का पूछ रहा हु पता सांवरिया

जीतने का मन जब करता नही,

हारने मुझे तू क्यों देता नही

हार जीत बाबा मेरे सब तेरी माया है

पर मैंने सुना तू बाबा हारे का सहारा है

तेरे बिन जीत मुझको चाहिए नही बाबा

हारने मुझे तू क्यों देता नही

तेरे प्रेमी है संवारे तेरे ही कहलाये गे

छोड़ तेरी इस चोकठ को और कहा हम जाएगे

मतलब का रिश्ता तुम से बाँधा नही बाबा

हारने मुझे तू क्यों देता नही

आस मेरी इक है संवारे हाथ मेरा तू थाम ले

दुभ न जाए नैया मेरी माझी बन संबाल ले

तेरे बिन चलना मुझको आता नही

हारने मुझे तू क्यों देता नही

एक सवाल है तेरे प्रेमी का पूछ रहा हु पता सांवरियां

जीतने का मन जब करता नही बाबा

हारने मुझे तू क्यों देता नही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।