थक गया हूँ चलते चलते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थक गया हूँ चलते चलते अब तो राह दिखा जाओ

छूट गए हैं सारे सहारे अब तो थामने आ जाओ

थक गया हूँ चलते चलते ...................

जिन पर मुझको गर्व था बाबा ये ना मुझको छोड़ेंगे

सोचा ना था सबसे पहले वो ही नाता तोड़ेंगे

तुमको ही अब अपना माना अपनापन दिखला जाओ

थक गया हूँ चलते चलते ..............

कहती हैं ये दुनिया मैंने ऊंची मंज़िल पाई है

उनको मैं कैसे समझाऊं कितनी ठोकर खाई हैं

थाम लो मेरा हाथ ये बाबा मंज़िल तक पहुंचा जाओ

थक गया हूँ चलते चलते ..............

मजबूरी में भक्ति मेरी नाटक जग को लगती है

लाचारी में रट रट मेरी रातें कटती हैं

है भगत आकाश तुम्हारा दुनिया को बतला जाओ

थक गया हूँ चलते चलते ..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।