मैया री मैं तो वृन्दावन चली जाऊँगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी ll

अरी ना भावे मुझे, महल दुमहले ll

ना चाहिए मुझे, शाल दुशाले ll

मैया री मैं तो, कुटिया में रह लऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन,,,,,,,,,,,,,,

यमना जी से, जल भर लाऊँ ll

चौकी चन्दन, की बनवाऊँ ll

श्याम का मल मल, कमर मिलाऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन,,,,,,,,,,,,,,,

प्यारी गौरी सी, इक पालूँ गईयाँ ll

रोज बनाऊँ, दूध और दहियाँ ll

श्याम को, माखन भोग लगाऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन,,,,,,,,,,,,,,,

पतली पतली, पोऊँ फुलकिया ll

फेर बुला लऊँ, सारी सखियाँ ll

मैया री मैं तो, पंखा झोल घुमाऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन,,,,,,,,,,,,,,,

चुन चुन फूल, कमल के लाऊँ ll

फिर कान्हां की, सेज लगाऊँ ll

मैया री मैं तो, धीरे धीरे चरण दबाऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन,,,,,,,,,,,,,,,,

घिस घिस चन्दन, तिलक लगाऊँ ll

मन में श्याम की, सूरत बसाऊँ ll

मैया री मैं तो, भव सागर तर जाऊँगी,

पर भजन, श्याम के गाऊँगी,,,

मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊँगी,

पर भजन श्याम के गाऊँगी ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।