डोलगिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन बाबा बालक नाथ भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय बालक नाथ बाबा बालक नाथ

डोलगिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा है

जिथे माता रतनो वसे कहंदा ओहियो घर मेरा है,

डोलगिरी पर्वत पे ......

हो कौन तेरे पीतर बाल का उस माता दा जाया है

डोल गिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा है

विष्णु मेरे पितृ रतनो माता लक्ष्मी दा जाया है

डोलगिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा है

मुंगी सुट्टी काली कमली कते जान दी तयारी है,

डोल गिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।