सारे जगत में बाला जी तेरी हवा कसुती से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सब भगता की तेरे पास में दवा कसुती से

सारे जगत में बाला जी तेरी हवा कसुती से

सब चरणों में पड़ जाते तेरे आंसू लेके आखियाँ में

कुछ न कुछ तो जादू है तेरी मीठी मीठी बातेया में

मात सिया को लंका में दे आई अंगूठी से

सारे जगत में बाला जी तेरी हवा कसुती से

बालक पन में सूर्ये देव को तूने मुह में भर लियां

पवन पुत्र हनुमान बाला जी जग में उचा नाम किया

प्राण हरे अक्षय की तूने कर दी छुट्टी रे

सारे जगत में बाला जी तेरी हवा कसुती से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।