रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे

सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे

सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

रज सभी विधाओं की आई अयोध्या

जल सारी नदियों से पहुँचा अयोध्या

चाँदी की हैं इंटें, नीव मे समाई

हीरे और मोती से पूजन है कराई

कलस पूजन होगा जन्मभूमि तीरे

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे

सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

ऊँचे ऊँचे शिखारों की कल्पना करी है

भव्य मंदिर की नीव पड़ी है

खुश हैं सभी साधु संत, नर-नारी

देश विदेश मे भी खुशियाँ हैं न्यारी

नाचेंगे गाएँगे भक्त धीरे धीरे

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे

सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।