वीरों के भी शिरोमणि बलवान जब चले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुग्रीव बोले वानरों तत्काल तुम जाओ

श्री जानकी मैया का पता मिलके लगाओ

अरे होकर निराश तूम जो मेरे पास आओगे

ये सुनलो कान खोल के सब मारे जाओगे

ये हुकुम सुनके चल पड़ी सुग्रीव की पल्टन

सब खोज डाले एक एक जंगल पहाड़ वन

माता को खोज नहीं पायें जब यो बेचारे

माँ अंजनी के लाल को सब मिलके पुकारे

हे वीर वर हनुमान अब शंकट से छुडाओ

हम सब शरण हैं आपकी अब लाज बचाओ

उठो हे महावीर, उठो हे महावीर नहीं देर लगाओ

श्री जानकी मैया का पता जाके लगाओ

ये सुनके गरज कर

अरे ये सुनके गरज कर उठे

जब वीर वर हनुमान

थर्रा गयी जमी,

कांप उठा आसमान

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले - x3

वीरो के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

श्री राम जी का करते हुए

ध्यान जब चले

और रावण का तोड़ने वो

अभिमान जब चले

अरे! धर कर विराट रूप

हे धर कर विराट रूप

बन तूफ़ान जब चले

लंका दहाड़े हुए हनुमान जब चले

बलवान जब चले

लंका दहाड़े हुए हनुमान जब चले

बलवान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

माता को खोजने चले जब

अंजनी कुमार

सब वानरों के दल में

मची जय-जय कार

मारी छलांग और समुन्द्र को हुए पार

आकाश डोल उठा

अरे आकाश डोल उठा

और हिल गया संसार

विकराल गदा हाथ में वो तान जब चले

बलवान जब चले

विकराल गदा हाथ में वो तान जब चले

बलवान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले - x2

लंका में पहुँच के दिए वाटिका उजाड़

अक्षय कुमार को दिए धरती पे वो पछाड़

आया जो सामने दिए कक्कड़ी के जैसे फाड़

दुश्मन के घर में अपना

हे दुश्मन के घर में अपना

झंडा दिए वो गाड़

करते हुए फिर युद्ध घमाशान जब चले

हनुमान जब चले

करते हुए फिर युद्ध घमशान जब चले

हनुमान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

ये हाल देख भागे सभी जान छोड़ कर

रावण को बताने लगे वो हाथ जोड़ कर

एक कपि ने रख दिए

बगिया के सारे पेड़ तोड़कर

मारा है चंबू माली को

अजी मारा है चंबू माली को

गर्दन मरोड़ कर

लंका का मिटाने को वो निशान जब चले

बलवान जब चले

लंका का मिटाने को वो निशान जब चले

बलवान जब चले

हाँ हे! वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

श्री राम के भगत ने

वहाँ ऐसा किया कमाल

लंका को फूँके डाले

अंजनी के लाल

आँखे मिलाये बजरंगी से

शर्मो किसकी है मजाल

दुश्मन को चबा डाले

अरे दुश्मन को चबा डाले

वो बनके महाकाल

लंका को बनाकर के

वो शमशान जब चले

बलवान जब चले

लंका को बनाकर के

वो शमशान जब चले

बलवान जब चले

हे! वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

लंका दहाड़ते हुए

हनुमान जब चले

बलवान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

वीरों के भी शिरोमणि

बलवान जब चले

हनुमान जब चले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।