दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है दया धर्म है तेरे दिल में मन में अगर सचाई है

दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है

झूठ कपट अभिमान याहा हो साईं का क्या काम वाहा

संतो का समान जहा हो है साईं का धाम वाहा

ये बात बाबा ने बतिलाई है

दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है

दया धर्म है तेरे दिल में मन में अगर सचाई है

साईं सदियों से तेरा है तूने साईं का होना है

देख सके तू उसको यु नैनो का दर्पण धोना है

बरसात करुना की बरसाई है

दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है

दया धर्म है तेरे दिल में मन में अगर सचाई है

याहा वाहा क्या ढूंड रहा है वो तो तेरे मन में है

है तेरी श्रदा तेरी भगती में बंदे तेरी लगन में है

साईं नाम तो तेरी परछाई है

दिन रात तेरे साथ मेरा साईं है

दया धर्म है तेरे दिल में मन में अगर सचाई है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।