कर गई महगाई कंगाल गजनन्द

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कर गई महगाई कंगाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

रखो सुखो खाये गरीबा मिले न सभजी भाजी,

महंगाई छूए आसमान को खेल रही बाज,

के भूखे सो रहे बाल गोपाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

तेल नमक और आता चावल सब कुछ लागा महंगा,

बचे मांगे तन को कपड़े फट गए धोती लेहंगा,

हो रहे हम तो खूब हलाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

है कितना कानून ये अँधा लगे न अंकुश भाई,

भरने वाले भरे तिजोरी कर देखु कमाई,

हो रहे लोग यहाँ बेहाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

मिले न ढूंढो काम धाम और ताम जाम है भारी,

बिजली बिल भी खूब आते है खाये जात अधिकारी,

जीना हो गया हर्ष बेहाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।