काहे मुझको भुला दिया सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काहे मुझको भुला दिया सांवरिया भुला दिया,

ओ मेरे बाबा श्याम काहे भुला दिया मेरे बाबा,

काहे भुला दिया,

मेरे दाता सुनो विधायता ओ बाबा श्याम,

तेरा नाम लिया मेरे बाबा तेरा ध्यान किया,

मेरी सांसो में तुम हो मेरी धरकन में तुम हो,

समाये श्याम बिहारी मेरी तन मन में तुम हो,

मेरी मन के मंदिर में सांवरियां तुमको बिठा लिया,

मेरी दाता सुनो विदाता ओ बाबा श्याम,

तेरा नाम लिया मेरे बाबा तेरा ध्यान किया,

तेरा दरबार निराला तुम्हारी रीत निराली,

हुआ उधार उसी का नजरियां जिस पे डाली,

तेरा इन्साफ का दर का लाखो को पार लगा लिया,

मेरी दाता सुनो विदाता ओ बाबा श्याम,

तेरा नाम लिया मेरे बाबा तेरा ध्यान किया,

घोर अंद्यारा छाया दया का दीप जला दो,

मेरी जज्बात यही है दर्श मुझको दिखला दो,

ये तेरा दास विचंबर रजनी दामन बिछा दिया,

मेरी दाता सुनो विदाता ओ बाबा श्याम,

तेरा नाम लिया मेरे बाबा तेरा ध्यान किया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।